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एक्शन और रोमांच का खेल डब्ल्यू डब्ल्यू एफ (WWF)

Posted On: 18 Jul, 2010 मस्ती मालगाड़ी में

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एक समय था जब डब्ल्यू डब्ल्यू एफ का नाम सुनते ही बच्चे और युवा रोमांचित हो उठते थे. कुश्ती और मार-पीट के साथ ग्लैमर की चकाचौंध उस समय किसी अन्य खेल में थी ही नहीं. बात है 1980 और 90 के दशक की, जब डब्ल्यू डब्ल्यू एफ का नाम सुनते ही युवा वर्ग रोमांच की सभी सीमाओं को पार कर जाता था. नेशनल रेसलिंग अलाईंस के नाम से लेकर आज के डब्ल्यू डब्ल्यू एफ का सफर इतना आकर्षक और रोमांचित करने वाला है कि आपके रोएं खड़े हो जाएं और मन आवेशित हो जाए. हालांकि आज के दौर में जब विज्ञान की मदद से इस खेल के सभी दाव-पेंच की अंदरुनी बातें खुल चुकी हैं तब भी इसकी लोकप्रियता घटने की बजाय बढ़ी है.

अगर डब्ल्यू डब्ल्यू एफ के इतिहास की बात की जाए तो इसकी नींव रखी थी रोडरिक मैकमोहन ने. रोडरिक एक बॉक्सिंग प्रमोटर थे लेकिन वर्ष 1953 में उन्होंने रेमंड मोंड के साथ मिलकर नेशनल रेसलिंग अलाईंस शुरु की जिसके अंतर्गत अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों के पहलवानों को एक नया मंच प्रदान किया गया.

जल्द ही विश्व भर में नेशनल रेसलिंग अलाईंस की ख्याति फैल गई. वर्ष 1963 में आंतरिक कलह की वजह से नेशनल रेसलिंग अलाईंस को छोड़ कर दिग्गजों ने एक नई संस्था बनाई जिसे नाम दिया वर्ल्ड वाइड रेसलिंग फेडरेशन(WWWF).

1980 में पहली बार वर्ल्ड वाइड रेसलिंग फेडरेशन और इस खेल का प्रसारण टीवी पर हुआ. लोग जो पहले इसे सिर्फ स्टेडियम में देखते थे वह अब इसे अपने टीवी पर देख कर और भी खुश हो गए. और 1990 के दशक में जब टीवी और केबल आम होने लगा तो इसका बुखार पश्चिमी देशों के साथ भारत जैसे एशियाई देशों में भी दिखने लगा.

wwe_logo_81704कहते हैं कि इतिहास में कुछ नही रखा, जो होता है आज का समय होता है. इस खेल में भी अगर आप इतिहास को देखेंगे तो उतना मजा नहीं आएगा लेकिन हां जो रोमांच पहले के लड़ाकों में था उसकी कमी आज जरुर है और शायद इसी वजह से रेसलिंग के इस खेल में भी कई सितारे इतिहास के पन्नों में गुम होने की बजाय आज भी जिंदा है. स्मैकडाउन, रॉ, इसीडब्ल्यू आदि कई दैनिक शो द्वारा आज इसकी ख्याति विश्व भर में फैल चुकी है.

हम ऐसे ही कुछ सितारों के बारे में लेकर आए हैं जिनके बारे में आपने सुना तो जरुर  होगा बेशक आप रेसलिंग देखते हो या ना देखते हों.

hulk_hogan_1हल्क होगन: हल्क होगन जिनका असली नाम टेरी ज़ीन बोलिआ है, रेसलिंग की दुनिया के पहले सुपरस्टार माने जाते हैं. वैसे उनसे पहले भी कई सितारे थे मगर जितनी लोकप्रियता उन्होंने बटोरी वह कोई और न कर पाया. हल्क होगन ने अपने कैरियर की शुरुआत 1982 में की.

वर्ष 1984 हल्क के कैरियर में एक मोड़ की तरह आया जब उन्होंने बॉब को हरा कर विश्व हैविवेट चैम्पियनशिप अपने नाम की. इसके बाद तो जैसे दुनिया हल्क होगन की दीवानी हो गई. उनका फिल्मी स्टाइल दुनिया को इस कदर भाया कि हल्क होगन को लोग हॉलिवुड होगन और हल्कमानिया जैसे नामों से पहचानने लगे. इसके साथ ही उनका फिल्मी कॅरियर भी बड़ा रोचक रहा.

स्टाइल और अदाओं के इस जादूगर के नाम पर आज भी लोग रेसलिंग को एक मनोरंजक चीज के रुप में देखते हैं.

wwf bret hartब्रेड हार्ट(द ग्रेट हिटमैन): असल जिंदगी में एक लेखक ने जब एक टीवी शो में रेसलिंग के चैम्पियन रिक फ्लेयर को मैच के लिए ललकारा तो किसी ने सोचा न था कि यह लेखक और शांत सा दिखने वाला इंसान रेसलिंग की दुनिया में अपनी ऐसी पैठ जमा लेगा कि लोग उसे आने वाले समय तक याद रखेंगे.

अपने खेल से ज्यादा अपनी निजी जिंदगी और अपने दाव-पेंच की वजह से लोग उन्हें याद करते हैं साथ ही रिटायरमेंट के बाद भी उनका इस मंच पर बार-बार आना लोग बहुत पंसद करते हैं.

c77833jjअंडरटेकर: मार्क विलियम के नाम से शायद आप परिचित न हों लेकिन ऐसा हो ही नहीं सकता कि आपने कभी अंडरटेकर का नाम न सुना हो. अपने दमदार खेल और अपनी प्रतिभा से दुनिया भर में बच्चों और जवानों को जैसे उन्होंने काबू कर रखा था. लेकिन इस खिलाड़ी के नाम के साथ कई ग्रंथियां भी जुड़ी हैं जैसे कई लोगों का मानना है कि उन्होंने अपने परिवार का कत्ल किया है और अपने छोटे भाई कैन को भी जलाया है. कुछ उन्हें मरा हुआ जिंदा मानते हैं हालांकि ऐसी बातों पर यकीन करने वालों से ज्यादा तादाद उनके खेल के प्रशंसकों की है. यहां तक कि भारतीय सिनेमा जगत में भी वह काफी लोकप्रिय हैं. 90 के दशक की ही फिल्म “खिलाड़ियों का खिलाड़ी” में उन्होंने बतौर एक्टर काम भी किया था.

वह एक मात्र ऐसे सितारे हैं जो काफी समय से रेसलिंग की दुनिया में बने हुए हैं.

stonecoldsteveaustindrinkingस्टोन कोल्ड: नए जमाने की रेसलिंग में सबसे ज्यादा नाम उन सितारों ने कमाया जिनके पास नए और दमदार दाव के साथ स्टाइल था. इस परंपरा को सबसे पहले शुरु किया अंडरटेकर ने जो जब आते थे तो पूरे मैदान में अंधेरा हो जाता था और बैकग्राउंड म्युजिक आरंभ हो जाती थी. इसी क्रम में स्टोन कोल्ड ने अपने कॅरियर की शुरुआत की. दमदार दाव, जानदार शरीर और स्टाइल के साथ जब 1998 में उन्होंने चोटिल होने के बाद भी डब्ल्यू डब्ल्यू एफ की चैम्पियनशिप जीती तो जानकारों ने उन्हें रेसलिंग की दुनिया का तूफान कहना शुरु कर दिया.

अपनी बियर की बोतलों और GEN-X लिखी टी-शर्ट को स्टेडियम में उड़ाने के लिए लोग उन्हें आज भी याद करते हैं साथ ही उनका फिल्मी सफर भी काफी कमाल का था.

20100324-wwe-1शॉन माइकल: द हर्ट ब्रेक किड के नाम से मशहूर शॉन रेसलिंग की दुनिया के सबसे अनुभवी लोगों में से माने जाते हैं जिन्होंने अपनी जिन्दगी के 22 साल इस खेल को समर्पित किए.

उनके जैसा स्टाइल आज तक किसी खिलाड़ी के पास नहीं है. और उनके प्रशंसको की संख्या देखनी हो तो उनके पुराने मैच देखने होंगे जब लड़कियां उन्हें छूने तक को मरती थी. उन्हें मिस्टर रेसलमेनिया के नाम से जाना जाता है. रेसलमेनिया में आज तक उन्हें कोई नहीं हरा पाया. 1996 में उनका प्लेबॉय मैगजीन में छपा फोटो आज भी अमेरिका के कई घरों में टंगा मिल जाता है. वह असल मायनों में फाइटर हैं.

The-Rock1द रॉक: रॉक का असली नाम ड्वेन जॉनशन है. रेसलिंग में बेशक इनका कैरियर छोटा हो लेकिन जब तक यह रेसलिंग की दुनिया में थे उन्हें सुपरस्टार की नई पीढ़ी के तौर पर जाना जाता था. अपने दमदार खेल और स्टाइल से उन्होंने अपनी लोकप्रियता को छोटे समय में ही विश्व भर में फैला दिया था.

आज भी जब कभी सबसे सर्वश्रेष्ट रेसलर्स की बात आती है तो रॉक का जिक्र होता ही है. एक पेशेवर अभिनेता होने के बावजूद उन्होंने रेसलिंग में भी इतना नाम कमाया कि फिल्मों में भी उनका वही किरदार नजर आने लगा.

सन 2000 में उन्होंने अपनी आत्मकथा लिखी थी जो आज भी न्यूयॉर्क ऑल टाइम बेस्ट सेलर बुक है.

John_Cena_v_Randy_O_440420aजॉन सीना: अगर हम आज की बात करें तो निर्विवाद रूप से लोगों की पहली पसंद जॉन सीना हैं. पेशे से अमेरिकन अभिनेता और हिप हॉप गायक जॉन ने रेसलिंग कॅरियर की शुरुआत वर्ष 2000 से की और 2005 में उन्होंने पहली बार चैम्पियनशिप में विजय हासिल की. उनकी लोकप्रियता की सबसे बडी वजह उनका स्टाइल और उनका जुझारुपन है. एक दमदार रेसलर होने के साथ उनका समाजसेवा आदि की तरफ रुझान भी उन्हें स्टाइल आइकॉन बनाता है.

हालांकि रेसलिंग में और भी कई सितारे हैं जिनका जिक्र किए बिना यह लेख पूरा हो ही नहीं सकता जैसे बड्डी रोजर, बिल्ली ग्राहम, रिक फैलयर, केन, ट्रिपल एच, कर्ट एंगल, बतिश्ता आदि लेकिन जगह की कमी की वजह से हम आपको सिर्फ कुछ चेहरों से ही रुबरु करा रहे हैं.

भारत एक ऐसी जगह है जहां विश्व की हर प्रसिद्ध चीज के प्रति दीवानगी ज्यादा होती है. रेसलिंग के क्षेत्र में भी भारत का नाम रोशन हुआ है. द ग्रेट खली के नाम से अमेरिका में तहलका मचाने वाले पंजाब पुलिस के इस सिपाही ने भारत का नाम विश्व भर में रोशन किया है. अपने ताकतवर शरीर और हिन्दी बोलने की स्टाइल से लोगों में उसकी लोकप्रियता काफी बढ़ी है. दिलीप सिंह राणा के नाम से शुरुआत कर खली बनते बनते उन्होंने रेसलिंग के कई महारथियों को धूल चटाई.

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एक और खास बात डब्ल्यू डब्ल्यू ई में होने वाली लडाइयां पेशेवर खिलाड़ियों द्वारा लड़ी जाती हैं जिसके लिए वह काफी लंबे समय तक ट्रेनिंग लेते हैं. यह बात खुद यह रेसलर अपनी जुबानी भी बताते हैं इसलिए ऐसे खेलों की नकल कर आप खुद को चोट पहुंचा सकते हैं. यह सिर्फ मनोरंजन के लिए होता है, मात्र मनोरंजन के लिए. इसलिए आगे से जब भी आप यह खेल देखें तो मान कर चलें कि इसमें असलियत जैसा ना के बराबर है अगर कुछ है तो साफ-सुथरा मनोरंजन.

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18 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

dharmendra के द्वारा
January 5, 2015

प्रोफेशिनल रेस्लिंग सबसे बड़ा खेल है

ravindra singh के द्वारा
September 28, 2010

रसेल्मानिया १२ १९९६ में ब्रेट हार्ट और शान माइकल्स के बीच ६० मिनट चला एरेन मैन मैच पेशेवर कुश्ती में मील का पत्थर साबित हुआ यह मैच इतना सुनोयोजित था और दोनों पहलवानों की टाइमिंग इतनी अच्छी थी की आज तक ऐसा मैच देखने को नहीं मिला मैच तो ब्रेट हार गए मगर उनकी यादगार परफोर्मेंस आज भी लोग याद करते हैं शान माइकल्स इसी मैच में पहली बार वर्ल्ड चैम्पियन बने थे. कुछ यादगार मैच इस प्रकार हैं .

latif ahmad के द्वारा
September 18, 2010

दुनिया के दस सबसे बड़े कुश्तीबाज़ १- ब्रेट (हिट मैन) हार्ट २- शान माइकल्स ( एच बी के) ३- रिक फ्लेयर ४- अंडरटेकर ५- हल्क होगन ६- कर्ट एंगल ७- स्कॉट हॉल ८- ब्रुनो समर्तिनो ९- स्टोन कोल्ड १०- केविन नाश

    ravindra singh के द्वारा
    October 3, 2010

    लतीफ़ जी आपकी लिस्ट में माचो मैन और अल्टीमेट वारीअर का नाम भी होना चाहिए था

latif ahmad के द्वारा
September 5, 2010

पेशेवर पहलवानी में शोहरत तो है ही पैसा भी कम नहीं है आम तौर पर स्वतंत्र कुश्ती लड़ने वाले पहलवान यूरोप और अमेरीका में $४५००० से १००००० डॉलर तक कमा लेते हैं वहीँ टीएनऐ और डब्ल्यूडब्ल्यूई के मिडकार्ड रेसलर (दोयम दर्जे के पहेलवान) जैसे टीएनऐ के अब्ब्य्से, दनिअल,समोआ जोई, या डब्ल्यूडब्ल्यूई के कोफ़ी किंग्स्टन, ग्रेट खली,क्रिस्चन जैसे पहलवान ३५०००० से ८००००० डॉलर सालाना कमा लेते हैं जैसे खली ने २००८ में कुश्ती से १००४५०० डॉलर यानि साड़े चार करोड़ से भी ज्यादा रु कमाए थे और वोह हर साल तीन करोड़ तक कमा ही लेते हैं इसमें उनकी मर्चंदीस और फिल्मों की कमाई नहीं जोड़ी गयी है जो की तीन करोड़ तक हो सकती है, वहीँ डब्ल्यू डब्ल्यू ई के चोटी के उभरते सितारे जो आने वाले दिनों के मेगा स्टार्स हैं जैसे रेंडी ओर्टन, एज, रे मिस्टेरियो, वगैरह १५००००० से २०००००० सालाना कमा लेते हैं, वहीँ मेगास्टार्स जैसे हलक होगन, जोन सीना, बिग शो,कर्ट अंगेल, स्टिंग वगैरह तो सालाना ७०००००० तक कमा लेते हैं यह वोह कमाई है जो उनकी सिर्फ कुश्ती से होती है, सबसे ज्यादा कमाई करने वाले पहलवान हैं हलक होगन – सालाना कोई $ १५.५ मिलियन डॉलर. द रोक – सालाना कोई $ १२.५ मिलियन डॉलर जब वोह कुश्ती लड़ते थे. ब्रेट हार्ट- डब्लू,सी,डब्लू में ३०००००० सालरी थी. शान मैकल्स- कभी घोषित नहीं हुआ मगर कहा जाता है की जब ब्रेट हार्ट डब्लू डब्लू ई से चले गए तो डब्लू डब्लू ई की डूबती नैया बचाने के लिए विन्स मक्मोहन ने मैकल्स की सालरी डबल कर दी थी अनुमानित कोई ३ से ४ मिलियन डॉलर रही होगी क्यूंकि ९० के दशक में ब्रेट के बाद सबसे बड़े खिलाडी मैकल्स ही थे. ब्रोक्क लिसनर- २००१ से २००४ तक उनकी सालरी ९ मिलियन डॉलर थी. स्टोन कोल्ड स्टीव ऑस्टिन- अनुमानित ५ से ८ मिलियन डॉलर. रिक फलैर- ८० के दशक में १ मिलियन सालाना कमाई करने वाले पहले रेसलर बने. अंडरटेकर- ४ मिलियन. ट्रिपल एच- ४ मिलियन. कर्ट अंगेल- ३मिलिअन. बिग शो- १.५ मिलियन.

latif ahmad के द्वारा
September 5, 2010

पेशेवर कुश्ती के नाम सबसे ज्यादा बड़ा इनडोर दर्शक उपस्थिती का रिकॉर्ड तो है ही जो रसेलमनिया३ १९८७ में हुई थी और इसमें अधिकारिक तौर पर ९३००० दर्शकों की उपस्थती दर्ज की गयी थी मगर यह पेशेवर कुश्ती का सबसे बड़ी दर्शक उपस्थिति नहीं थी बल्कि १९९५ में नोर्थ कोरिया में महान रिक फलैर और महान अंतोनियो उनाकी के बीच कुश्ती देखने प्यन्ग्यंग स्ताडियम में १९०००० से भी ज्यादा दर्शक जमा हुए थे यह न सिर्फ कुश्ती बल्कि बाकी खेल जो स्ताडियम में खेले जाते हैं का सबसे बड़ा जमावड़ा था.

latif ahmad के द्वारा
September 4, 2010

डब्ल्यू डब्ल्यू ई की पेशेवर कुश्तियां जितनी मशहूर हैं उतना ही लोगों के बीच यह बहस भी है की यह फाइट असली है या नकली हाल में भारत के वर्तमान में एक मात्र पेशेवर पहेलवान दलीप सिंह राणा ( ग्रेट खली ) जब भारत आये तो पूरे भारत में उनका ज़ोरदार स्वागत हुआ शाहरूख खान, अक्षय कुमार, से लेकर सोनिया गांधी और सचिन तेंदुलकर तक उनसे मिलने के लिए बेताब दिखे वहीँ बहुत दुःख हुआ की एक समय में पेशेवर कुश्ती की दुनिया में भारत का गौरव बढाने वाले पहलवान दारा सिंह और कई अन्य पहलवानों ने खली को नकली पहलवान बताया दारा सिंह यह भूल गए की वोह भी उसी तरह की कुश्ती लड़ते थे जैसा की खली लड़ते हैं खैर इन बातों से खली की सेहत पर कोई असर नहीं पड़ा और उन्होंने इन सारे टुटपुंजिया पहलवानों को यह कहा की इस तरह के लोग अपने बाप को बाप ही नहीं मानते और जिसे मेरी कुश्ती पर शक है वोह मेरे साथ चले और देखे की यह सारी कुश्तियां असली है या नकली, आप की अदालत में भी खली ने रजत शर्मा के उनकी कुश्ती पर सवालिया निशान लगाने पर उनका जवाब था की जो कुछ भी आप टी वी पर देखते है वह बिलकुल सच है अगर यह झूट होता तो जो हजारों लोग स्टादियम में यह कुश्ती देखने आते हैं वोह तो उठ कर चले जायेंगे और रजत शर्मा के पास इसका कोई जवाब नहीं था, अब सवाल यह पैदा होता है की आखिर जब भारत की सबसे बड़ी हस्तियाँ खली का स्वागत कर रहे थे तो दारा सिंह और कुछ चड्ढी पहन कर अंतर्राष्ट्रीय कुश्ती के असफल पहलवान उनकी कमी क्यूँ निकाल रहे थे इसका जवाब है उनकी खली के प्रति इर्ष्या उन्हें एसा लगा की हम असली कुश्ती लड़ते है और हमें कोई जानता नहीं वहीँ और यह नूर कुश्ती लड़ने वाला इतनी दौलत और प्रसिद्धी बटोर रहा है मगर वह यह भूल गए की जिस तरह की कुश्ती खली लड़ते है वह नाटक सही मगर यह नाटक भी जिस तरह की देसी कुश्ती वोह लड़ते है उससे कहीं ज्यादा मुश्किल और खतरनाक है और इसी लिए खली न सिर्फ भारत बल्कि सारी दुनिया में पहचाना जाता है, रही बात दारा सिंह की तो वोह भी खली से जलने वालों में शुमार हो गए और यह भूल गए की जिस पेशेवर कुश्ती की वजह से वोह सिनेस्टार बने वोह वोह उसे ही ग़लत कह रहे हैं दारा सिंह का खली से जलना इस लिए भी लाज़मी था की जिस खेल के वोह बहुत छोटे से खिलाडी थे मगर उसी के बूते भारत में उन्हें भरपूर प्यार मिला खली उसी खेल के विश्व चैम्पियन हैं और उनकी लोकप्रियता सारी दुनिया में है वहां भी जहाँ दारा सिंह तो दूर अमिताभ और सचिन तेंदुलकर को भी लोग नहीं जानते हमें इसे महान खली को इज्ज़त देनी चाहिए न की उसपर छीटाकशी करनी चाहिए.

    hasir ansari के द्वारा
    September 4, 2010

    यह बात बिलकुल सही है की खली की सफलता से कई देसी पहलवान जले है

    ravindra singh के द्वारा
    September 4, 2010

    खली एक महान पहलवान है इसमें कोई शक नहीं है और दारा सिंह की उपलब्धि खली के सामने कुछ भी नहीं है शायद इसी लिए दारा सिंह खली से खुन्नस रखते है

    ravindra singh के द्वारा
    September 5, 2010

    डब्ल्यू डब्ल्यू ई दुनिया के सबसे मशहूर स्ताडियम जैसे मेडिसन स्क्वाएर गार्डेन, सिल्वरडोम, विम्बली स्ताडियम, फेनिक्स स्ताडियम, जैसी जगहों पर होता है और इस तरह का स्ताडियम दर्शकों से खचाखच भरा रहे यह सिर्फ डब्ल्यू डब्ल्यू ई में ही देखने को मिलता है वरना फूटबाल और बोक्सिंग जैसे खेल भी कभी ही कभी इन स्ताडियम को भर पाते हैं, ८० हज़ार से एक लाख दर्शकों के सामने इतने बढ़िया स्टंट द्रश्य दिखाना और महानतम कुश्ती का प्रदर्शन करना कोई मामूली बात नहीं है इसी लिए इन पेशेवर पहलवानों को इतनी प्रस्सिधी और पैसा मिलता है भारतीय पहलवानों को भी यह बात समझनी चाहिए की वो पेशेवर कुश्ती की खुन्नस करने की जगह इसे समझें और आने वाले दिनों में हमें खली जैसा स्टार तो मिले ही मगर शान माइकल, ब्रेट हार्ट, हलक होगन जैसे मेगास्टार भी भारत से ही पैदा हों,

    hasir ansari के द्वारा
    September 5, 2010

    पलविंदर सिंह चीमा और दारा सिंह जैसे पहलवानों की तुलना खली से करना सूरज को मोमबत्ती दिखाने जैसा है, दारा सिंह खुद एक पेशेवर पहलवान थे और बिलकुल वैसी ही कुश्ती लड़ते थे जैसे खली खली लड़ते हैं बेशक दारा सिंह भी वर्ल्ड चैम्पियन बने मगर बहुत छोटे कुश्ती संघ के जिसका विश्वकुश्ती में कोई अहमियत नहीं थी और वो रुस्तमे हिंद कहे जाते हैं तो खली तो दुनिया के सबसे बड़े और मान्यता प्राप्त कुश्ती संघ डब्ल्यू,डब्ल्यू,ई के वर्ल्ड हयवीवेइट चैम्पियन बन चुके हैं जो बहुत बड़ी उपलब्धी है और रही बात पलमिंदर चीमा की तो वोह तो टुटपुंजिया पहलवान है और प्रोफेशनल रेसलिंग का मतलब ही नहीं जानता चीमा खली बना देगा तेरा कीमा हहहहः .

hasir ansari के द्वारा
September 3, 2010

seeeeeeeeeeee undertaker wikipedia ,

latif ahmad के द्वारा
August 31, 2010

पेशेवर कुश्ती में कुछ पहलवान ऐसे है जो मेगा स्टार की श्रेणी में आते है उनमे से कुछ ऐसे भी है जिनका कुश्ती दिखाने का कौशल बहुत ख़ास नहीं था मगर फिर भी उन्होंने ऐसी ख्याति और दौलत इस खेल से कमाई की जिसके आगे एन ऍफ़ एल , एन बी ऐ और हौलीवुड स्टार्स की चमक भी धुंदली पड़ जाए इस श्रेणी में प्रमुख नाम इस प्रकार हैं – हलक होगन, दा रोक, स्टोन कोल्ड, अंदरे दा जायंट, द़ा वारीअर, जोंन सीना, बतिस्ता, गोल्डबर्ग वगैरह इन पहलवानों को कुश्ती के अलावा फिल्मों और टी वी में आने की वजह से भी बहुत ख्याति मिली इन्होने अपने खेल से ज्यादा अपने हावभाव नाटकबजी और हष्टपुष्ट शरीर की वजह से ख्याति प्राप्त की, वहीँ बहुत से ऐसे पहलवान भी है जिनका कुश्ती दिखाने का कौशल इन मेगास्टार्स से कहीं बेहतर था मगर वह इतने लोकप्रिय नहीं हो सके जैसे जेफ्फ हार्डी, जेफ्फ जरेट्स, कर्ट हेनिंग, रिक मार्टिल, एक्स पैक, मर्री जिनाती, एड्डी गुर्रेर्रा, क्रिस बेनोइट, क्रिस जेरिको वगैरह, और अब मई आप को उन महान पहलवानों का नाम बता रहा हूँ जिनकी वजह से पेशेवर कुश्ती का महान खेल सारी दुनिया में जाना जाता है यह है रियल प्रोफेशनल रेस्लार्स जिनकी कुश्तियां देखने के लिए अखाड़े भरते है और यह सिर्फ खालिस कुश्ती का प्रदर्शन करते है इनमे सबसे पहले दो नाम आते है जिनमे से पहला नंबर किसे दूँ यह मैं अभी तक समझ नहीं पाया हूँ मगर यकीन करें अगर आप इन दोनों मेगा स्टार्स के ९० के दशक के खेल देखेंगे तो आप भी इसका फैसला नहीं कर पाएंगे की इन दोनों में नंबर वन कौन है इनके नाम है ब्रेट दा हिट मेंन हार्ट (ब्रेट हार्ट) और शान माइकल (एच,बी,के,) इसमें कोई संदेह नहीं है की अगर यह पहलवान न होते तो डब्लू डब्लू ई इतने आगे न आ पता जितना की आज है, इनके अलावा जो मेगास्टार्स अपने खेल की वजह से आगे बढे उनमे ट्रिपल एच, कर्ट एंगेल, माचो मैन, रिकी स्टीमबोथ, जिम स्नूका, स्कोट हॉल, केविन नाश, रिक फ्लैयर, रोडी पाइपर, अंडरटेकर,स्टिंग वगैरह है.

latif ahmad के द्वारा
August 29, 2010

आज डब्लू डब्लू ऍफ़ का नाम डब्लू डब्लू ई हो चूका है और इसमें कोई शक नहीं है की पेशेवर कुश्ती दुनिया का एक महान खेल है इसके खेल असली न सही मगर सारे खेलों में सबसे ज्यादा चोट इसी खेल में आती है पेशेवर कुश्ती इतिहास के सबसे बड़े सितारे शान माइकल व ब्रेट हार्ट है इनकी कुश्ती लड़ने की स्टाइल सबसे उन्नत है ब्रेट हार्ट आजकल डब्लू डब्लू ई के राव ब्रांड में आ रहा है जबकी शान माइकल ने अल्प संन्यास लिया है.

विवेक के द्वारा
July 19, 2010

कभी यह खेल इतना लोकप्रिय था कि लोगों मे6 इसकी दिवानगी जनून की हद तक थी. बेशक से आज इसकी लोकप्रियता भारत में कम हो गई हो लेकिन विदेशों में आज भी वैसे ही है.

    latif ahmad के द्वारा
    August 29, 2010

    डब्लू डब्लू ई की लोकप्रियता घटी हो एसा नहीं है हाँ इस खेल को लेकर लोगों की जागरूकता बढ़ गयी है और लोग जान गए है की इसमें जोश से ज्यादा मनोरंजन है आज भारत में बहुत से असे लोग है जो एक पेशेवर पहलवान बनना चाहते है यह सही है की कामाला और पापा शांगो या हलक होगन या माचो मेन के ज़माने में जोश था वोह अब जॉन सेना और शान माइकल बन्ने में बदल गया है और बहुत से लोग क्रिक्केट और फूटबाल के आलावा रेसलर भी बनना चाहते है

seema singh के द्वारा
July 18, 2010

wwf is now wwe

    hasir के द्वारा
    January 31, 2011

    yes dear seema you are right


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