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करण जौहर: कॉफी से दोस्ताना (Karan Johar’s Biography)

Posted On: 25 May, 2011 मस्ती मालगाड़ी में

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कभी कॉफी पिला कर तो कभी दोस्ताना बना कर सबके दिलों में अपनी एक खास जगह बनाने वाले करण जौहर (Karan Johar) को उनके जन्मदिन की हार्दिक बधाइयां. करण जौहर किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं. हरफनमौला व्यक्तित्व के धनी करण फिल्म इंडस्ट्री की प्रभावशाली शख्सियतों में शुमार हैं. सफल निर्माता-निर्देशक होने के साथ-साथ वे अच्छे वक्ता और फैशन डिजाइनर भी हैं. स्थापित अभिनेत्रियां और अभिनेता उनके निर्देशन में अभिनय का सपना संजोते हैं, तो दर्शक उनकी फिल्म की रिलीज का इंतजार करते हैं. सफलता का पर्याय बन चुके हैं फिल्मी दुनिया के लाडले करण जौहर.


Karan Joharकरण जौहर का जन्म 25 मई, 1972 को हुआ था. मुंबई में जन्मे करण को फिल्मी पृष्ठभूमि विरासत में मिली है. करण के पिता यश जौहर (Yash Johar) हिन्दी फिल्मों के लोकप्रिय और सफल निर्माता रहे हैं. राज कपूर, यश चोपड़ा और सूरज बड़जात्या के प्रशंसक करण जौहर का झुकाव हमेशा से कमर्शियल फिल्मों की ओर रहा है. फिल्मी दुनिया में करण का औपचारिक प्रवेश दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे(Dilwale Dulhania Le Jayenge) के सह-निर्देशक के रूप में हुआ. करण जौहर ने अपनी अधिकतर फिल्मों में आदित्य चोपड़ा (Aditya Chopra) और शाहरुख खान (Shahrukh Khan) के साथ काम किया है. हालांकि अभिनय का अनुभव करण को कभी नहीं भाया और उन्होंने फिल्म निर्माण और निर्देशन में ही रुचि दिखाने का निर्णय कर लिया.


अपने पिता यश जौहर (Yash Johar) निर्मित फिल्म डुप्लीकेट के वे सह-निर्माता रहे. दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे और डुप्लीकेट जैसी फिल्मों के अनुभव ने करण को परिपक्व बना दिया. फिल्म मेकिंग की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग लेने के बाद करण जुट गए अपनी पहली फिल्म “कुछ कुछ होता है” के निर्देशन में. शाहरूख खान (Shahrukh Khan), काजोल (Kajol) और रानी मुखर्जी (Rani Mukharjee) अभिनीत ‘कुछ कुछ होता है’ ने बॉक्स ऑफिस पर सफलता का परचम लहराया. परिणाम यह हुआ कि 1998 के आठ फिल्मफेयर  अवार्ड कुछ कुछ होता है को मिले.


karanकरण देखते-ही-देखते हिन्दी फिल्मों के सबसे लोकप्रिय निर्देशकों में शुमार हो गए. उन्हें सेलीब्रेटी स्टेटस मिल गया. करण की फिल्म मेकिंग की स्टाइल से प्रभावित होने वाले दर्शक उनकी दूसरी फिल्म का इंतजार करने लगे, पर करण जल्दबाजी में नहीं थे. उन्होंने अपने प्रशंसकों को इंतजार कराया. इस बार वे ‘कुछ कुछ होता है’ से भव्य और अच्छी  फिल्म बनाना चाहते थे. लगभग तीन साल के अंतराल के बाद करण की दूसरी फिल्म ‘कभी खुशी कभी गम’ रिलीज हुई. कभी खुशी कभी गम में करण हिन्दी फिल्मी दुनियां के उन छह सितारों को साथ लाने में कामयाब हुए, जिनकी एक झलक पाने के लिए दर्शक सिनेमाघर में खींचे चले आते हैं. अमिताभ बच्चन (Amitabh bachchan), शाहरूख खान, ऋतिक रोशन (Hrithik Roshan), जया बच्चन, काजोल (Kajol) और करीना कपूर (Karina kapoor) अभिनीत इस फिल्म को सफलता तो मिली, पर वह कुछ कुछ होता है की कामयाबी के करीब नहीं पहुंच पाई. करण निराश नहीं हुए. करण ने फिल्म निर्देशन से कुछ दिनों का विराम लिया. इस बीच वे फिल्म निर्माण और लेखन में व्यस्त हो गए.


करण ने ‘कल हो ना हो’ का निर्माण और लेखन किया. हालांकि, इस फिल्म का निर्देशन उन्होंने नहीं किया था, पर कल हो ना हो में दर्शकों ने करण की फिल्म मेकिंग स्टाइल की झलक खूब देखी. कल हो ना हो भी बॉक्स ऑफिस पर सफल रही. रोमांटिक और पारिवारिक फिल्मों से हटकर करण ने सस्पेंस थ्रिलर फिल्म काल के निर्माण का भी जोखिम उठाया. उनका यह प्रयोग सफल नहीं हो पाया, पर करण को इसकी चिंता कहां थी? वे तो अपनी तीसरी फिल्म के निर्देशन में व्यस्त हो गए थे. इस बार करण कुछ ऐसा करना चाहते थे, जिसके बारे में उनके प्रशंसक सोच भी नहीं सकते थे. वे परिपक्व और गंभीर फिल्म बनाना चाहते थे और इसलिए उन्होंने अपनी तीसरी फिल्म ‘कभी अलविदा ना कहना’ के लिए विवाहेत्तर संबंध के विषय को चुना. कभी अलविदा ना कहना देखने गए उन दर्शकों को निराशा हुई, जो करण जौहर स्टाइल की फिल्म देखने की उम्मीद के साथ सिनेमाघर पहुंचे थे. गंभीर फिल्मों के दर्शकों को कभी अलविदा ना कहना पसंद आई. कभी अलविदा ना कहना को लेकर दर्शकों की मिली-जुली प्रतिक्रिया रही. कभी अलविदा ना कहना की रिलीज के बाद करण ने एक बार फिर निर्देशन को विराम देकर निर्माण की ओर रूख किया. धर्मा प्रोडक्शन कंपनी के बैनर को नई दिशा देते हुए करण ने दोस्ताना और वेक अप सिड जैसी सफल फिल्मों का निर्माण किया. हालांकि, इन दोनों फिल्मों के बाद आई कुर्बान बॉक्स ऑफिस पर विफल रही. कुर्बान की असफलता के कारणों का मंथन करने का वक्त करण को नहीं मिला.


फिल्म निर्माण और निर्देशन से इतर भी करण की एक दुनिया है जिसमें उनके ग्लैमरस और स्टाइलिश मित्र हैं. रोचक तथ्य है कि दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे से अभी तक शाहरूख खान के कपड़ों को करण डिजाइन करते रहे हैं. फिल्मी दुनिया में करण के डिजाइन किए गए कपड़ों को पहनना स्टाइल स्टेटमेंट माना जाता है. छोटे पर्दे पर भी करण का जलवा है. उनका टॉक शो कॉफी विद करण लोकप्रिय और सफल शो था. फिल्मी शख्सियतों के राज खोलते इस शो में करण ने बेहद अच्छे मेजबान और वक्ता के रूप में खुद को स्थापित किया. परिणाम स्वरूप लगभग हर अवार्ड फंक्शन में करण संचालन की बागडोर  संभालते हुए नजर आ जाते हैं. इन दिनों भी करण छोटे पर्दे पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं. वे सोनी एंटरटेनमेंट चैनल के शो लिफ्ट करा दे में सितारों का परिचय उनके सबसे बड़े प्रशंसकों से करा रहे हैं.


फिल्म निर्देशकों की पहचान को नया आयाम देने वाले करण का निजी जीवन चर्चा का विषय रहा है. उनके निजी जीवन को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जाते रहे हैं. अपने उठने-बैठने और बोलने के तरीके के कारण वे मजाक का पात्र बनते रहे हैं, पर करण इससे आहत नहीं होते. करण के व्यक्तित्व की खासियत है कि वे खुद पर हंसने से भी नहीं हिचकते. अपने आलोचकों की वे परवाह नहीं करते क्योंकि, करण के मित्रों ने कभी उनका साथ नहीं छोड़ा है. फिल्मी दुनिया में करण के सबसे करीबी मित्र शाहरूख खान हैं. फिल्मों में ही नहीं निजी जीवन में भी शाहरूख की दोस्ती करण के लिए बेहद मायने रखती है.



चालीस की उम्र के करीब पहुंच चुके करण अभी तक विवाह बंधन में नहीं बधे हैं. उन्हें इसका दु:ख भी नहीं है. खुद को सिनेमा के प्रति समर्पित कर चुके करण की प्राथमिकताओं की सूची में पहला स्थान अपनी मां के लिए और दूसरा स्थान धर्मा प्रोडक्शन के लिए सुरक्षित है. सिनेमा में रचे-बसे करण कहते हैं, मैंने अपनी सारी जिम्मेदारियों का निर्वहन ईमानदारी से किया है. लेकिन, मुझे गर्व उस दिन होगा जब मेरी कोई फिल्म ऑस्कर जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कार समारोह में सम्मानित की जाएगी. उम्मीद है कि एक दिन ऐसा भी होगा.


करण जौहर की मुख्य फिल्में


1995 – दिलवाले  दुल्हनिया ले जाएंगे- सह-निर्देशक एवं अभिनेता

1998 -  डुप्लीकेट-  सह-निर्माता

1998 -  कुछ कुछ होता है-  लेखक-निर्देशक

2001 – कभी खुशी कभी गम-  लेखक-निर्देशक

2003 -  कल हो ना हो-  लेखक-निर्माता

2005 -  काल- निर्माता

2006 – कभी अलविदा ना कहना-  लेखक-निर्देशक

2008 -  दोस्ताना-  निर्माता

2009 -  वेक अप सिड-  निर्माता

2009 -  कुर्बान-  लेखक- निर्माता

2010 -  माय नेम इज खान-  निर्माता-निर्देशक

करण जौहर की ज्योतिषीय विवरणिका देखने के लिए यहां क्लिक करें.

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sanjay saraogi के द्वारा
May 25, 2015

aap ko janam din ki hardik subh kamnaye


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